पीथमपुर (मध्यप्रदेश)। अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और निजी अस्पताल बंद कराए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच की। लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज नहीं दिखाने वाले केंद्रों को बंद करा दिया है। कार्रवाई देर शाम शुरू हुई। सीएमएचओ नालछा ने बताया कि अवैध रूप से चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों पर विभाग की नजर है। दस्तावेज नहीं दिखाने वाले संचालकों को रिकॉर्ड पेश करने के लिए 4-5 दिन का समय दिया है। तय समय में वैध रिकॉर्ड नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह है मामला

सिविल अस्पताल पीथमपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अवैध अस्पताल संचालन की शिकायतें मिल रही थीं। बताया गया था कि इलाके में मातृ और शिशु मृत्यु दर बढ़ रही है। झोलाछाप डॉक्टर गर्भवती महिलाओं का गलत इलाज कर रहे थे। इसके चलते महिलाएं समय पर सरकारी अस्पताल नहीं पहुंच पा रही थीं। उन्हें सही इलाज नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई की है। इससे गर्भवती महिलाओं को सही इलाज मिल सकेगा। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।





