नई दिल्ली। नींद की दवा के सेवन से हार्ट फेलियर व मौत का खतरा मंडराने लगा है। नींद न आना एक आम समस्या बन चुकी है। देर रात तक मोबाइल देखना और तनाव आदि का असर सीधे हमारी नींद पर पड़ता है। ऐसे में बहुत से लोग मेलाटोनिन सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं। उन्हें लगता है कि यह तो नेचुरल स्लीप हार्मोन है। इससे कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन हाल की एक स्टडी आपको दोबारा सोचने पर मजबूर कर सकती है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के साइंटिफिक सेशंस में एक नई ग्लोबल रिसर्च पेश की गई। इसमें मेलाटोनिन के लंबे समय तक इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इसके मुताबिक, लंबे समय तक मेलाटोनिन लेने वालों में हार्ट फेलियर का खतरा 90 प्रतिशत तक पाया गया। पांच साल के भीतर मौत की दर भी लगभग दोगुनी देखी गई।

रिसर्च में क्या सामने आया?

रिसर्चर्स ने दुनिया भर के 1 लाख 30 हजार से ज्यादा वयस्कों को कई सालों तक ट्रैक किया। इस दौरान उनकी नींद की आदतों, दवाओं और सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल के साथ-साथ हार्ट हेल्थ पर नजर रखी गई। इसमें लंबे समय तक मेलाटोनिन लेने वालों में हार्ट फेलियर का खतरा ज्यादा मिला। पांच साल के भीतर मौत की दर भी लगभग दोगुनी देखी गई।