पाली (राजस्थान)। डॉक्टर के फर्जी साइन कर इंजेक्शन बेचने का मामला है। सरकारी अस्पताल बांगड़ हॉस्पिटल में फर्जी तरीके से इश्यू कर करीब 4 लाख के एल्बोमिन इंजेक्शन बाजार में बेच दिए। प्रबंधन ने दो नर्सिंगकर्मी व एक टेक्नीशियन को सेवा से हटा दिया है।

आरोपियों ने करीब 40 डॉक्टरों की फर्जी सील और हस्ताक्षर किए। इस तरह लगभग 100 इंजेक्शन जारी करवा लिए गए। पिछले तीन माह से यह गड़बड़ी चल रही थी। इंजेक्शन की बाजार कीमत 4 से 5 हजार रुपए प्रति इंजेक्शन बताई  है। यह इंजेक्शन हॉस्पिटल में मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।

ऐसे हुआ खुलासा

गायनिक विभाग में एल्बोमिन इंजेक्शन का स्टॉक संदिग्ध तरीके से कम हो रहा था। डॉक्टर को वार्ड में एक मरीज के नाम से इंजेक्शन इश्यू होने की पर्ची मिली। जबकि मरीज को इंजेक्शन लगाया ही नहीं गया था। पर्ची पर संबंधित डॉक्टर के फर्जी हस्ताक्षर पाए गए।

सामने आया कि फर्जी सील और हस्ताक्षर के जरिए इंजेक्शन इश्यू करवाया गया। इसके बाद उन्हें बाजार में खपाया जा रहा था। एल्बोमिन इंजेक्शन सामान्यत: सीमित परिस्थितियों में ही उपयोग किए जाते हैं। बिना डॉक्टर की विधिवत पर्ची के जारी नहीं किए जाते।

मामला सामने आने के बाद तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई। अब पांच सदस्यीय विस्तृत जांच समिति बनाई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. कैलाश परिहार ने बताया कि फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। जांच की जा रही है कि इंजेक्शन कहां और किसे बेचे गए। किन-किन डॉक्टरों की सील का दुरुपयोग हुआ। अन्य कर्मचारी की भी इसमें शामिल होने की जांच की जा रही है।