नई दिल्ली। आयुर्वेदिक दवाओं में स्टेरॉयड की मिलावट का भंडाफोड़ हुआ है। इन दवाओं का सेवन करने वाले कई मरीज खुद सैंपल लेकर टेस्टिंग लैब पहुंचे हैं। जांच में खुलासा हो रहा है कि कुछ आयुर्वेदिक दवाओं में स्टेरॉयड है। वहीं, दिल्ली में बिकने वाले फिश, मीट, दूध और पनीर के सैंपल भी लगातार फेल हो रहे हैं। साफ-सफाई की कमी से इन खाद्य पदार्थों का सेवन लोगों को बीमार कर रहा है।
यह जानकारी आर्ब्रो लैब के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सौरभ अरोड़ा ने दी। उन्होंने बताया कि उनकी लैब पिछले 36 वर्षों से एफएसएसएआई और सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। अब लोग पहले से अधिक जागरूक हो गए हैं। लोग खुद अपने खाने-पीने की चीजों के सैंपल जांच के लिए लैब में लाते हैं। जांच के बाद उपभोक्ताओं को रिपोर्ट दी जाती है। किसी सैंपल में गंभीर गड़बड़ी मिलने पर इसकी जानकारी एफएसएसएआई को भी भेजी जाती है।
कई बार मरीजों को आयुर्वेदिक दवा लेने के बाद जल्दी आराम मिल जाता है। इससे वे हैरान हो जाते हैं। संदेह होने पर जब वे दवाओं की जांच कराते हैं। जांच में कई मामलों में स्टेरॉयड पाया जाता है। उनकी लैब में पनीर, दूध, फिश और मीट जैसे खाद्य पदार्थों के सैंपल भी बड़ी संख्या में जांच के लिए आते हैं। ये सभी हाई-रिस्क फूड आइटम हैं। ये जल्दी खराब हो सकते हैं। साफ-सफाई में लापरवाही से इन खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच में फेल हो रहे हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि ऐसे खाद्य पदार्थ खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें। कुछ इलाकों में पानी के सैंपल भी जांच में फेल पाए जा रहे हैं।










