नई दिल्ली। वेट लॉस की नकली दवाओं के कारोबार में तेजी आई है। मोटापा घटाने में सस्ती दवाओं का लालच अब सेहत पर भारी पड़ रहा है। बाजार में मोटापा घटाने वाली नकली दवाओं का कारोबार तेज हो गया है। यह खतरनाक साबित हो सकती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने लगभग 60 देशों में नकली दवाओं के कारोबार में तेजी दर्ज की है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार जल्दी वजन कम करने की चाहत लोगों को सस्ती व नकली दवाओं की ओर धकेल रही है। ओजेंपिक और माउनजारो जैसी दवाओं के नकली संस्करण फार्मेसियों में खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इनका दावा है कि भूख को नियंत्रित कर वजन कम करने और मधुमेह प्रबंधन में मदद करती हैं।

नकली दवाओं की पहचान मुश्किल

विशेषों ने चेतावनी दी है कि वजन घटाने वाली दवाएं पूरी तरह फर्जी हैं। नकली दवाएं इतनी असली दिखती हैं कि पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इन नकली दवाओं में गलत खुराक, हानिकारक तत्व या सक्रिय घटक की कमी हो सकती है। इससे हाइपरग्लाइसीमिया और हृदय संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।