आगरा। औषधि विभाग ने 20 मेडिकल एजेंसी संचालकों को नोटिस दिए हैं। उनसे दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल तलब किए हैं। छापे में इनके यहां पर दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल में गड़बड़ी मिली थी। रिकॉर्ड नहीं देने पर फर्म का लाइसेंस निलंबित होगा। इनके यहां से जब्त दवाओं के 42 सैंपल भी जांच के लिए भेज दिए हैं।
फव्वारा में तीन दिन तक 20 मेडिकल एजेंसी और 12 गोदाम पर छापेमारी की गई। इनके यहां दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल में गड़बड़ी मिली। कंप्यूटर-लैपटॉप खंगालने पर स्टॉक में भी अंतर पाया। कई संदिग्ध दवाएं भी मिलीं। पांच से अधिक गोदाम में सरकारी, सैंपल और एक्सपायर दवाएं भी जब्त कीं। इनकी कीमत 80 लाख रुपये से अधिक है। दो गोदाम अभी सील हैं। इनमें भी ऐसी ही दवाएं होने की आशंका है।
टीम ने एंटीबायोटिक, पेट रोग, हृदय, कैंसर, आदि दवाओं के 42 नमूने लिए थे। इनकी जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि रिपोर्ट फेल मिलने पर केस में धाराएं और बढ़ाई जाएंगी। 20 फर्म संचालकों को नोटिस देकर बीते तीन महीने की दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल मांगे हैं। इनमें गड़बड़ी मिलने पर फर्म का लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे।










