करौली (राजस्थान)। सरकारी अस्पताल में प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत पर हंगामा हो गया। परिजनों ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हिण्डौन स्थित जिला अस्पताल में लोंगटीपुरा निवासी गर्भवती महिला ललिता गुर्जर और उनके गर्भस्थ शिशु की प्रसव के दौरान मृत्यु हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। पुलिस और पीएमओ के समझाने पर परिजन मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
यह है मामला
परिजनों के अनुसार ललिता को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। दोपहर को नर्स के कहने पर डॉक्टर दिनेश गुर्जर को बुलाने के लिए वे उनके घर गए, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि वह नर्स से बात कर लेंगे। डॉक्टर ने पर्ची पर एक दवा भी लिखकर दी। परिजनों ने मेडिकल स्टोर से खरीदकर ये दवा ललिता को दी। आरोप है कि दवा देने के बाद ललिता की तबीयत बिगडऩे लगी।
इसके बाद नर्सिंग कर्मी ने ललिता को एक इंजेक्शन भी लगाया। इससे महिला की तबियत और बिगड़ गई। सूचना पर डॉक्टर दिनेश अस्पताल पहुंचे और जांच के बाद ललिता को मृत घोषित कर दिया। इससे बौखालाए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस और पीएमओ के समझाने पर परिजन मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।