आगरा (उप्र)। प्राइवेट अस्पताल में ग्राम पंचायत सदस्य की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। अस्पताल के डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। रहनकलां ग्राम पंचायत के सदस्य और मजदूर नारायण सिंह (38) की इलाज के दौरान संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने कुबेरपुर स्थित एक हॉस्पिटल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतक के परिजनों के अनुसार नारायण सिंह को अचानक बेचैनी होने पर अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने ऑक्सीजन लगाई और कुछ दवाएं बाहर से लाने को कहा। आरोप है कि दवा देने के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत और बिगड़ गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज से पहले 5 हजार रुपये फीस के रूप में वसूले। उचित उपचार भी नहीं दिया गया।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल के हंगामें की सूचना पर छलेसर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शव को चौकी ले गई।
पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, अस्पताल संचालक डीपी यादव का कहना है कि परिजन मरीज को गंभीर हालत में लेकर आए थे। मरीज अस्पताल में मात्र दस मिनट तक ही रुका। उसके बाद उसकी मौत हो गई। फीस वसूले जाने के आरोप गलत ठहराया है। रहनकला के प्रधानपति केशव वर्मा ने बताया कि मृतक वर्तमान में ग्राम पंचायत सदस्य है।










