मुंबई। सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली दवा वियाग्रा का एक और फायदा सामने आया है। वियाग्रा मुख्य रूप से इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए बनाई गई दवा थी। अब वैज्ञानिकों ने नई रिसर्च से वियाग्रा से होने वाले एक और फायदे के बारे में बताया है।

जानलेवा बीमारी कैंसर को लेकर कई रिसर्च हो चुकी हैं। कैंसर के लिए कई तरह के इलाज भी आ चुके है। कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, जैसी कई थेरेपी हैं। इनके माध्यम से कैंसर का इलाज हो रहा है। अब तक कोई ऐसी थेरेपी नहीं है जिनसे कैंसर का 100 फीसदी इलाज किया जाए। इसमें वियाग्रा को लेकर महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एक रिसर्च में वियाग्रा का कैंसर सेल्स पर महत्वपूर्ण प्रभाव देखा गया है। यह नया अध्ययन मरीजों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है।

इजरायल के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि दवा वियाग्रा कैंसर सेल्स का फैलाव रोकने में मदद कर सकती है। शुरुआती शोध में ऐसे संकेत मिले हैं। वियाग्रा में मौजूद सिल्डेनाफिल कैंसर के फैलने की क्षमता को कमजोर कर सकता है। कैंसर कोशिकाओं के फैलने के लिए कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है। सिल्डेनाफिल इस प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है।

साइंस डेली की रिपोर्ट के मुताबिक वियाग्रा में मौजूद तत्व कोलेस्ट्रॉल के रास्ते को ही ब्लॉक कर देता है। इससे कोलेस्ट्रॉल कैंसर सेल्स तक आ ही नहीं पाता। कैंसर सेल्स के ग्रोथ के लिए उसे कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है। ऐसे में यदि कोलेस्ट्रॉल नहीं मिलेगा तो कैंसर आगे ही नहीं बढ़ेगा। सिल्डेनाफिल कैंसर कोशिकाओं की कोलेस्ट्रॉल का उपयोग करने की क्षमता को कम कर देता है। कोलेस्ट्रॉल कोशिकाओं की बाहरी झिल्ली बनाने के लिए बेहद जरूरी होता है। अगर कोलेस्ट्रॉल की उपलब्धता कम हो जाए, तो कैंसर फैलने की प्रक्रिया मुश्किल हो सकती है।