आयुर्वेदिक दवा का भ्रामक विज्ञापन करने पर डीसीए की कार्रवाई, दवाएं जब्त

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हैदराबाद। आयुर्वेदिक दवा का भ्रामक विज्ञापन करने पर डीसीए ने छापेमार की कार्रवाई की। खाद्य लाइसेंस के तहत निर्मित और भ्रामक दावों के तहत बेची गई चार दवाएं जब्त की गईं हैं।

यह है मामला

ड्रग्स कंट्रोल अथॉरिटी (डीसीए) के अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान खाद्य लाइसेंस के तहत निर्मित और भ्रामक विज्ञापनों वाली दवाएं जब्त की हैं। अधिकारियों ने पाया कि भोजन और न्यूट्रास्यूटिकल्स की आड़ में मेटनूरन-ओडी टैबलेट का गलत तरीके से निर्माण और बिक्री की जा रही थी।

हरियाणा में मेडिकेंट न्यूट्रिएंट्स द्वारा अवैध रूप से निर्मित और सिरीमेड हैदराबाद द्वारा विपणन की गई यह दवा सिद्दीपेट जिले के बाजार में निरीक्षण के दौरान मिली। अलग-अलग मामलों में भ्रामक दावों के तहत बेची गई चार दवाएं जब्त की गईं हैं।

चार दवाएं जब्त की

आयुर्वेदिक दवा

जब्त दवाओं में आयुर्वेदिक दवाएं महर्षि आयुर्वेद ग्लूकोमैप, जो मधुमेह के इलाज का दावा करती है, अश्वगंधारिष्ट सुप्रीम, जो तंत्रिका संबंधी दुर्बलता का इलाज करने का दावा करती है और श्री तुलसी ड्रॉप्स, जो बुखार का इलाज करने का दावा करती है।

इनके अलावा आइसोटिन आई ड्रॉप्स जो नेत्र विकारों के इलाज का दावा करती है, शामिल हैं। डीसीए के अनुसार मधुमेह, तंत्रिका संबंधी कमजोरी, बुखार और नेत्र विकारों के इलाज के लिए किसी दवा का विज्ञापन करना ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 के तहत प्रतिबंधित है।