अमरोहा (उप्र)। झोलाछाप डाक्टर्स द्वारा महिला का आपरेशन करने का वीडियो वायरल हुआ है। निजी अस्पताल में दो चिकित्सक महिला का आपरेशन करते दिख रहे हैं। ओटी में महिला के स्वजन भी खड़े हैं। यह अस्पताल हसनपुर के रहरा क्षेत्र का बताया जा रहा है। ओटी के नाम पर केवल एक कमरा है। इसके मानक भी पूरे नहीं हैं। महिला को आक्सीजन भी नहीं लगी है।
यह है मामला
जनपद में अपंजीकृत अस्पतालों के संचालन का खेल बड़े पैमाने पर खेला जा रहा है। विशेष रूप से हसनपुर क्षेत्र अपंजीकृत क्लीनिक और झोलाछापों का हब बना है। किसी बड़ी घटना के बाद सप्ताह भर के लिए स्वास्थ्य विभाग अपंजीकृत अस्पतालों और झोलाछापों के यहां सील लगा देता है। बाद में अपंजीकृत अस्पतालों की ओटी की सील भी खुल जाती है।
ताजा मामला रहरा का बताया जा रहा है। वीडियो में झोलाछाप स्वयं एक अन्य व्यक्ति के साथ महिला का पेट चीरकर आपरेशन करता नजर आ रहा है। ओटी के नाम पर केवल एक कमरा है। जहां आपरेशन के उपकरण भी पूरे नहीं हैं। न ही महिला रोगी को आक्सीजन लग रही है। आपरेशन के दौरान ओटी में ही पीडि़त महिला के स्वजन भी खड़े हैं। मात्र 17 सेकेंड का यह वीडियो जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली की कलई भी खोल रहा है।
आशाओं का मोटा कमीशन
रहरा में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है। जहां एक महिला चिकित्सा अधिकारी के साथ करीब चार स्टाफ नर्सों की तैनाती है। आशा कमीशन के चक्कर में गांव से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए झोलाछापों के यहां ले जाती हैं। हाल ही में क्षेत्र में कई अपंजीकृत अस्पतालों को सील भी किया था। इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक पर संभल जनपद के कुछ बिचौलियों ने अपंजीकृत अस्पतालों की सील खोलने का दबाव बनाया था।










