फाइजर-बायोएनटेक की तीसरी वैक्सीन खुराक कोविड-19 से संबंधित गंभीर परिणामों को कम करने में कम से कम पांच महीने पहले वैक्सीन की दो खुराक लेने वाले व्यक्तियों की तुलना में ज्यादा असरदार साबित हुई. इस बात का खुलासा लैंसेट के एक नए अध्ययन में पाया गया है.
शोधकर्ता रैन बालिसर इजराइल के क्लैलिट रिसर्च इंस्टीट्यूट से शोध कर रहे है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन की तीसरी खुराक एक सप्ताह बाद विभिन्न आयु समूहों में गंभीर कोविड-19 से संबंधित परिणामों पर अत्यधिक प्रभावी है.
द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के लिए टीम ने 12 या उससे अधिक उम्र के 7,28,321 व्यक्तियों के डेटा की समीक्षा की, जिन्हें 162बी2 बीएनटी वैक्सीन की तीसरी खुराक मिली थी.
यह मिलान संक्रमण के जोखिम, गंभीर बीमारी के जोखिम, स्वास्थ्य की स्थिति और स्वास्थ्य चाहने वाले व्यवहार से जुड़े जनसांख्यिकीय, भौगोलिक और स्वास्थ्य संबंधी विशेषताओं के व्यापक सेट पर आधारित था.
अध्ययन के परिणाम में इस बात का पता चला है कि पांच महीने पहले केवल दो खुराक प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की तुलना में, जिन व्यक्तियों को टीके की तीन खुराक प्राप्त हुई थी, उनमें गंभीर कोविड-19 बीमारी का जोखिम 92 प्रतिशत कम था. 81 प्रतिशत व्यक्तियों में कोविड-19 से संबंधित मौत का जोखिम कम था










