कोल्हापुर (महाराष्ट्र)। रेबीज का पूरा इलाज लेने के बावजूद पीडि़त युवती की मौत हो जाने का समाचार है। इस घटना के मामले में अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट शिशिर मिरगुंडे ने बताया कि युवती को रेबीज वैक्सीनेशन की पांचवीं और आखिरी डोज दी गई थी। इसके साथ ही उन्हें एंटी-रेबीज सीरम का भी इंजेक्शन दिया गया था।

यह है मामला

मृतका युवती के परिजनों ने बताया कि कुत्ते ने सृष्टि के बाएं पैर में काट लियाा था। अगले दिन उसे बुखार आ गया और उसके पैरों की ताकत खत्म हो गई। तुरंत ही उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने कई परीक्षण किए और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। जांच रिपोर्ट से पता चला कि उसे रेबीज हो गई है।

सृष्टि को एंटी-रेबीज इंजेक्शन भी लगाए गए और दवाएं दी गईं। इसके बावजूद देर रात उसकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

वैक्सीनेशन ही एकमात्र तरीका

रेबीज

गौरतलब है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीनेशन ही एकमात्र तरीका है। जानकारी अनुसार साल 2019 से अब तक करीब 7500 से ज्यादा कुत्तों को वैक्सीनेट किया जा चुका है। इसके बावजूद आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है।