रांची (झारखंड)। सदर अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा-तोडफ़ोड़ का मामला प्रकाश में आया है। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की पहल पर परिजन शांत हुए और शव को घर ले गये।

यह है मामला

हिंदपीढ़ी निवासी 45 वर्षीय अमीना खातून को घबराहट और बेचैनी की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के अनुसार, मरीज के पेट में पानी भर गया था। सोमवार को कार्डियक विशेषज्ञ डॉ राजेश झा की निगरानी में उनका इको टेस्ट भी किया गया था। मंगलवार को अमीना खातून की मौत हो गयी। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा करने लगे। गुस्साए परिजनों ने चिकित्सा कर्मियों व सुरक्षाकर्मी से नोकझोंक और हाथापाई तक की।

अस्पताल परिसर में डस्टबिन व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में तोडफ़ोड़ कर दी। हालात बेकाबू होते देख अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक का पोस्टमार्टम कराने की बात कही। परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और शव अपने साथ ले गये। परिजनों का आरोप है कि मरीज की सही देखरेख नहीं हुई। उनका कहना था कि अगर डॉक्टरों ने गंभीरता दिखायी होती, तो अमीना की जान बचायी जा सकती थी।