वाराणसी (उप्र)। दवा कारोबार के नाम पर 60.54 लाख की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। सप्तसागर दवा मंडी के दस कारोबारियों के साथ दंपत्ति ने ठगी कर डाली। पुलिस ने दसों कारोबारियों की संयुक्त शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। सभी ने बड़ा गणेश स्थित प्रथम फार्मा को दवा सप्लाई की थी, लेकिन किसी को भुगतान नहीं हुआ। जब दबाव बनाया तो जाली हस्ताक्षर किया चेक पकड़ा दिया। अभी तक भुगतान न होने पर दवा कारोबारियों ने एफआईआर दर्ज कराई है।

यह है मामला

सप्तसागर दवा मंडी के दवा व्यवसायी सौरभ अग्रवाल सहित 10 व्यवसाइयों ने ठगी की तहरीर दी है। बड़ा गणेश में प्रथम फार्मा के प्रोप्राइटर मोना मद्धेशिया, पति मनीष मद्धेशिया और बेटे प्रथम मद्धेशिया ने इनसे दवाएं नए क्रेडिट पर ली। दिसंबर 2025 से भुगतान बंद कर दिया। जबकि लगातार उनकी दुकान खुली रही और उन्होंने माल की बिक्री की।
दवा व्यवसाइयों ने दबाव बनाया तो मनीष ने अपनी पत्नी मोना के नाम से एक चेक दिया। इसे बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गया। इस पर मुकदमा दर्ज कराया गया।

किसका कितना फंसा है पैसा

1 – सौरभ अग्रवाल की फर्म अग्रवाल एन्ड अग्रवाल का 2,2,55,099/- लाख रुपए।
2 – विष्णु कुमार गुप्ता की फर्म विष्णु एजेंसी का 8,39,349/- लाख रुपए।

3 – देवानंद कुकरेजा की फर्म नारायण एंटरप्राइजेज का 7,16,365/- लाख रुपए।

4 – प्रदीप कुमार जायसवाल की फर्म आकाश फार्मा का 4,74,517/- लाख रुपए।

5 – महेश कुमार बरनवाल की फर्म बरनवाल एजेंसी का 3,47,899/- लाख रुपए।

6 – मोहन लाल गुप्ता की फर्म पीआर फार्मा का 3,18,008/- लाख रुपए ।

7 – नंद लाल गुप्ता की फर्म नीरज मेडिसिन सेंटर का 3,02,216/- लाख रुपए।

8 – पुरषोत्तम कुमार मारू की फर्म मारू एंड मारू का 2,82,204 /- लाख रुपए ।

9 – सिद्धार्थ लाढा की फर्म लढा एजेंसी का 2,71,473/- लाख रुपए।

10 – गोवर्धन इसरानी की फर्म विकास मेडिकल एजेंसी का 2,47,183/- लाख रुपए।