जयपुर (राजस्थान)। आरजीएचएस को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम योजना में अनियमितता पाई गई थी। इसके चलते सीकर जिले में पदस्थ सात चिकित्सकों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही भरतपुर के एक निजी अस्पताल और बीकानेर के डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। ऑडिट में गड़बडिय़ां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

सीकर के सात डॉक्टर निलंबित

सीकर में मेडिकल कॉलेज और अन्य संस्थानों से जुड़े सात चिकित्सकों पर कार्रवाई हुई है। इनमें डॉ. कमल कुमार अग्रवाल, डॉ. सुनील कुमार ढाका, डॉ. मुकेश वर्मा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. गजराज सिंह, डॉ. एसएस राठौड़ और डॉ. सुनील शर्मा शामिल हैं।

भरतपुर और बीकानेर में फर्जीवाड़ा

भरतपुर नर्सिंग होम और कशिश फार्मेसी पर लाभार्थियों के कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी क्लेम लेने का आरोप है। मरीजों के एसएसओ आईडी पासवर्ड लेकर पोर्टल पर फर्जी एडजस्टमेंट कर भुगतान लिया गया। अस्पताल पहले ही डी एम्पेनल किया जा चुका है। वहीं बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर पर रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई हैं। कुछ मामलों में चिकित्सकों के नाम और सील फर्जी पाए गए।

सरकार पहले भी 19 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। 64 कार्मिक निलंबित किए गए और 500 कार्ड ब्लॉक किए गए। करीब 2 करोड़ रुपये की वसूली लाभार्थियों से की गई। 33 अस्पतालों का टीएमएस और 39 का भुगतान रोका गया। 8 अस्पताल डी एम्पेनल हुए। 32 करोड़ से अधिक की राशि वसूल की गई। 212 फार्मेसी का टीएमएस ब्लॉक कर 5 करोड़ से अधिक की वसूली की गई है।