भरतपुर। कोरोना संक्रमित लोगों में बुखार के बाद सबसे अधिक समस्या सीने में इंफेक्शन की रहती है। राहत की बात ये है कि भरतपुर के संजीव गुप्ता की दवा कंपनी कुसुम हेल्थ केयर सीने में संक्रमण को रोकने के लिए एजीथ्रोमाइसिन टेबलेट बनाती है। इसकी मांग भारत ही नहीं बल्कि 8 से अधिक देशों में है। उनकी इंदौर, भिवाड़ी और यूक्रेन के सुमि में स्थित दवा फैक्ट्रियों में हर माह 26.5 करोड़ टेबलेट बनाने की क्षमता है। पिछले दिनों अमेरिका सहित कई देशों की ओर से कोरोना रोगियों के लिए हाइड्रोक्सी-क्लोरोक्वीन सल्फेट टेबलेट के साथ ही सीने में संक्रमण रोकने की दवाओं की मांग भी बढ़ी है। क्योंकि कोरोना पॉजिटिव को सीने में संक्रमण सबसे गंभीर खतरा है। इलाज में असरकारी साबित होने के बाद अब इस दवा की मांग काफी बढ़ गई है। इस मुश्किल समय में दूसरे देशों की मदद करते हुए भारत ने इस दवा के निर्यात की छूट दे दी है। कुसुम हेल्थ केयर द्वारा अब उज्बेकिस्तान, यूक्रेन, कजाकिस्तान, माल्डोबा, वियतनाम, मलेशिया, कीनिया, म्यांमार, फिलीपींस सहित कई देशों में एजीथ्रोमाइसिन 500 एमजी सहित कई दवाओं की आपूर्ति की जा रही है।