गोरखपुर : प्रदेश में कई दवा की दुकान है जहां ड्रग विभाग जांच के नाम पर केवल खानापूर्ती कर रहा है. ताजा मामला गोरखपुर का है. यहां ड्रग विभाग के अनुसार जनवरी से लेकर सितंबर तक 75 दुकानों की जांच की गई जबकि थोक व फुटकर मिलाकर लगभग पांच हजार से अधिक दवा की दुकानें हैं.
ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह बताते हैं कि बिना लाइसेंस के चलने वाले मेडिकल स्टोरों की जांच के लिए शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा. नियम विरुद्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जानकारी अनुसार केवल 75 दुकानों से 52 नमूने का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है. दवा मार्केट में मुनाखोरी की खबर किसी से छुपी नहीं है. फुटकर दुकानदारों को 12 से 20 फीसद का ही मार्जिन मिलता है. ऐसे में स्टोर संचालक 20 से 40 फीसद तक छूट की बात कर लोगों को बेवकूफ बनाते हैं.क्योकि असली दवाओं पर इतनी छूट संभव ही नहीं है.
बता दें कि पिछले दिनों जिले में अधोमानक दवाएं पकड़ी भी गई थीं. लेकिन ड्रग विभाग ने किसी तरह कि कोई कार्रवाई नहीं की. ड्रग विभाग इस बात की भी जहमत उठाना नहीं चाहता कि आखिर दुकानदार इतनी छूट कैसे दे रहे हैं.










