हल्द्वानी (उत्तराखंड)। निजी अस्पताल में महिला के शव को चार घंटे तक बंधक बनाने का मामला सामने आया है। अल्मोड़ा जिला के बेस अस्पताल से रेफर होकर आई महिला सीमा बिरौडय़िा की निजी अस्पताल में मौत हो गई।
अस्पताल ने पहले महिला के पति से इलाज के नाम पर 57 हजार रुपये जमा करवा लिए। इसके बाद महिला की मौत होने पर 30 हजार रुपये की मांग और करने लगे। पीडि़त का आरोप है कि करीब चार घंटे तक उन्हें अस्पताल से शव नहीं दिया गया। इसके बाद उसने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई।
यह है मामला
एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि पीडि़त का उनके पास फोन आया। उन्हें बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है। पत्नी के उपचार के लिए 57 हजार रुपये पहले ही दे चुका है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन 30 हजार की मांग कर रहा है। इसके बाद ही शव देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
गोलना करडिय़ा धारानौला अल्मोड़ा निवासी सीमा बिरौडय़िा किडनी की मरीज थी। उनकी डायलिसिस भी चल रही थी। तबीयत बिगडऩे पर अल्मोड़ा के अस्पताल से उन्हें रेफर किया गया था। हल्द्वानी के निजी अस्पताल में उन्हें पहले इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इस पर पीडि़त से 57 हजार रुपये जमा करवाए गए। फिर महिला को आइसीयू में ले जाने की बात कही। महिला को आइसीयू में ले जाने से पहले ही मृत्यु हो गई। पीडि़त ने एसएसपी से पत्नी का शव दिलवाने की गुहार लगाई।
इस पर सीओ सिटी अमित कुमार व प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस ने अस्पताल जाकर मृतका के शव को उसके स्वजन के सुपुर्द किया। साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र भी दिलवाया। उन्होंने अस्पताल के प्रबंधक को मानवता का ध्यान रखते हुए भविष्य में ऐसा न करने की हिदायत भी दी।
इधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को कई गंभीर बीमारियां थीं। आइसीयू में रखकर डाक्टरों की टीम इलाज में जुटी रही। इलाज के दौरान 30 हजार रुपये की दवाई ही लग गई थी। मरीज की मौत के बाद उनके परिवार के लोग छूट के लिए बात कर रहे थे।










