नई दिल्ली। नशीली दवा की तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने इस अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कई राज्यों में फैले नेटवर्क से जुड़े 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 48 किलो ट्रामाडोल, अल्प्राजोलाम और अन्य साइकोट्रॉपिक ड्रग्स बरामद की हैं। इनकी बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।

इस केस की जांच सितंबर 2025 में शुरू हुई। क्राइम ब्रांच को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। सूचना पर टीम ने लाजपत नगर इलाके से अनिरुद्ध राय को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास करीब 2 किलो ट्रामाडोल पाउडर बरामद हुआ। इसके बाद मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई।

अनिरुद्ध की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच तेज की। पता चला कि नशीली दवाओं की सप्लाई एक संगठित चेन के जरिए की जा रही थी। इसके बाद यूपी से मनोज राय, दिल्ली से किशन पाल उर्फ भुल्लर और कृष्ण तंवर को गिरफ्तार किया गया।

किशन पाल के घर से अल्प्राजोलाम भी बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने सिंघु बॉर्डर के पास एक संदिग्ध कार को रोका। पीछा करने के बाद कार को नरेला इलाके में पकड़ा गया। कार चालक की पहचान हरियाणा निवासी मनोज कुमार के रूप में हुई। कार की तलाशी में डिक्की से 5.012 किलो ट्रामाडोल बरामद हुआ। इन कार्रवाइयों में प्रशांत और अमित को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से भारी मात्रा में ट्रामाडोल और अन्य साइकोट्रॉपिक पाउडर बरामद हुए। इन दवाओं को री-पैकेज कर अवैध तरीके से बाजार में बेचा जाना था।