पटना (बिहार)। नकली दवा बनाने वाली अवैध फैक्ट्री सील करने का मामला प्रकाश में आया है। औषधि नियंत्रण प्रशासन ने नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की। विभा बायोटेक नाम से चल रही यह फैक्ट्री शिवाजी चौक इलाके के निजी परिसर में संचालित थी।
यहां नामी कंपनियों के लेबल लगाकर नकली दवाएं तैयार की जा रही थीं। छापेमारी के दौरान गैस, कफ सिरप, दर्द, बुखार की नकली दवाएं बरामद की गईं। इनमें विशेष रूप से लिव-52 कफ सिरप, इबुजेसिक प्लस सिरप और कासग्लो न्यू क्रीम की नकली खेप शामिल है। कच्चा माल, मशीनें, रैपर, लेबल आदि सामग्री भी जब्त की गई। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत आठ लाख रुपये बताई गई है।
ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। यहां तैयार नकली दवाओं की सप्लाई बिहार के अधिकांश जिलों के दवा बाजारों में की जाती थी। इस नेटवर्क के जरिए लंबे समय से अवैध कारोबार चल रहा था। इससे आम लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा था।
फैक्ट्री सील, संचालक पर केस दर्ज
आरोप है कि सुनील झा ने दवाओं के निर्माण, सप्लाई के लिए कई लोगों को काम पर रखा था। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है।










