नवादा (बिहार)। ब्रांडेड के नाम पर नकली दवाओं का भंडाफोड़ हुआ है। थाली बाजार में नकली दवाओं की री-पैकिंग कर खपाने का खेल चल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मकान में छापेमारी की। इस दौरान 10-12 कार्टन नकली सिरप एवं रैपर बरामद किए। इस अवैध धंधे में संलिप्त मोगलाखार (नवादा) निवासी राजू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

एसएचओ दीपक कुमार के निर्देश पर छापेमारी अभियान चलाया गया। थाली बाजार स्थित एक किराए के मकान में रेड की गई। यहां नकली दवाओं की पैकिंग और भंडारण किया जा रहा था। एएसआई गुड्डू मिश्रा ने बताया कि कमरे में ताला लगा हुआ था। इसे कंपनी के फील्ड ऑफिसर की मौजूदगी में खोला गया। अंदर नकली दवाओं से भरे कार्टून और पैकिंग रैपर बरामद हुए। सभी जब्त सामग्री को ऑटो रिक्शा से थाना लाया गया।

आरोपी राजू ने दो दिन पहले ही थाली बाजार में मकान किराए पर लिया था। उसी में नकली दवाओं का धंधा शुरू कर दिया था। सभी दवाएं सिरप के रूप में थीं। इन्हें शीशी में पैक किया गया था। प्रभारी थानाध्यक्ष चांदनी कुमारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सभी जप्त नकली दवाओं को थाना परिसर में रखा गया है।

इन ब्रांडों की नकली दवाई जब्त

जब्त की गई नकली दवाओं में विभिन्न लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं। इनमें एमरोल स्टेस लोशन की 2418 बोतलें और निग्रेल 2 सॉल्यूशन की 5909 बोतलें शामिल हैं। लिव 52 सिरप की 2215 बोतलें और इबुजेसिक प्लस सिरप की 3765 बोतलें भी बरामद की हैं। नकली दवाओं की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले रैपर भी जब्त किए हैं। 1915 बॉक्स शेलेल एक्सटी टैबलेट, 50 किलोग्राम कच्चा माल, 3413 खाली बोतलें और 2815 कैप भी बरामद किए हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।