नई दिल्ली। वेट लॉस की दवा का पेटेंट खत्म हो गया है। अब मोटापा कम करने की दवा 500 रुपये तक भी मिल जाएगी। वर्तमान में वेट लॉस करने वाली दवा ओजेंपिक और वीगोभी की कीमत महीने का 10 हजार के करीब है। इस इंजेक्शन को सप्ताह में एक दिन लगाना होता है। इस दवा से शरीर के अंदर संतुष्टि वाला हार्मोन जागृत हो जाता है। लोगों को भूख कम लगती है। इस कारण वजन कम होना शुरू हो जाता है। वर्तमान में भारत में 10 हजार रुपये की दवा अधिकांश लोगों की क्षमता से बाहर है।
विदेशी कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने यह दवा बनाई थी। उसका पेटेंट भारत, चीन, कनाडा, ब्राजील सहित कई देशों में खत्म हो गया है। अब यह दवा 500 रुपये के आसपास मिलने लगेगी। मोटापे की दवा की कीमत कम होने के दूरगामी प्रभाव पड़ेंगे। भारत में डायबिटीज और मोटापे से पीडि़त लोगों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है। वेट लॉस की दवा का सस्ता होना भारत जैसे देशों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
भारत में मोटापा तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह कई बीमारियों का गेटवे है। इतना ही नहीं हम डायबिटीज कैपिटल ऑफ वल्र्ड कहलाते हैं। करीब 10 करोड़ लोगों को डायबिटीज है। अच्छी बात यह है कि यह दवा दोनों बीमारियों के लिए जादुई असर वाली है। अब आम लोगों के लिए मोटापे को कंट्रोल करना बहुत आसान हो जाएगा।










