भरतपुर (राजस्थान)। एंटीबायोटिक दवा क्यूसेपोड जांच में नकली पाई गई है। इंडियन मेडिकल एजेंसी से एंटीबायोटिक दवा क्यूसेपोड 200 (बैच नंबर वीटी 242312) का सैंपल लिया गया था। संबंधित बैच नंबर की दवा का स्टॉक जब्त कर लिया है। इसकी निर्माता फर्म मैसर्स वीएडीएसपी फार्मास्यूटिकल बद्दी है। उसने ये दवा जयपुर स्थित फर्म मैसर्स आई क्यूमेड हैल्थ केयर को बेची थी।

टीम ने 4 लाख रुपए की नकली दवा जब्त की है। टीम में मुकेश चौधरी, महेश ब्याडवाल, पूनम महिंद्रा शामिल थी। साथ ही चार नमूने लेकर लैब में जांच के लिए भेजे हैं। स्टॉक के उपयोग एवं बेचने पर रोक लगा दी है। विभाग ने जब्त औषधि के लिए कोर्ट से कस्टडी आदेश के लिए आवेदन किया है।

 कहां-कहां नकली दवा बेची

नकली दवा जालौर एवं भरतपुर में बेची गई। 4 दवा विक्रेताओं के यहां से भी 5 दवा के नमूने लिए हैं। जांच के लिए एक टीम को हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड भेजा है। साथ ही ड्रग कंट्रोलर हिमाचल प्रदेश को भी निर्माता स्तर पर जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।

बता दें कि क्यूसेपोड 200 यह तीसरी पीढ़ी की सेफ्लोस्पोरिन एंटीबायोटिक दवा है। इसका उपयोग निमोनिया, टॉन्सिलाइटिस, साइनस, ब्रोंकाइटिस और कान के संक्रमण में किया जाता है। ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि जांच में नकली दवा मिलने पर करीबन 4 लाख की दवा जब्त की हैं। दवाओं की कस्टडी के लिए आवेदन भी कर दिया है।