नई दिल्ली। फर्जी दवा रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। क्राइम ब्रांच ने गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया है। उनसे करीब दो करोड़ की नकली दवाएं बरामद की हैं। वहीं दवा बनाने के लिए दो हजार किलो कच्चा माल बरामद किया है। जांच के दौरान 50 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी बिलिंग नेटवर्क का भी पता चला। पकड़े गए सभी आरोपित पिछले वर्ष 2011 से इस गोरखधंधे में शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान निखिल अरोड़ा, शिवम त्यागी, मयंक अग्रवाल, मोहित शर्मा, शाहरुख और राहुल के रूप में हुई है।
यह है मामला
यूपी के मुजफ्फरनगर स्थित शेर नगर में मोहम्मद अकदास सिद्दीकी फैक्ट्री चलाकर इन दवाओं का निर्माण कर रहा था। पुलिस ने भारी मात्रा में वहां से दवाएं व आधुनिक मशीनें बरामद की हैं। हालांकि अकदास सिद्दीकी मौके से फरार हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। इंस्पेक्टर मंजीत कुमार को नकली दवाओं के भंडारण, वितरण की खबर मिली।
पता चला कि भागीरथ पैलेस में दवाओं का थोक विक्रेता निखिल अरोड़ा इनकी सप्लाई कर रहा है।
जानकारी जुटाने के बाद टीम ने उसके घर पर छापेमारी की। वहां से पुलिस को करीब 20 हजार टैबलेट-कैप्सूल बरामद हुए। ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने इन दवाओं के नकली होने की पुष्टि की। बरामद सभी दवाएं नामी कंपनी की थीं।










