अहमदाबाद (गुजरात)। नकली ब्लड प्लाज्मा रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। ग्रामीण पुलिस ने चांगोदर इलाके में चल रहे नकली ब्लड प्लाज्मा रैकेट के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी असली प्लाज्मा निकालकर उसकी जगह सलाइन वॉटर (नमक का पानी) भर देते थे।

नकली प्लाज्मा को आधी कीमत पर अस्पतालों और मरीजों को बेचते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1150 यूनिट असली प्लाज्मा समेत कुल 15 लाख रुपये का माल बरामद किया है। पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक किन-किन अस्पतालों में इसकी सप्लाई की है।

ग्रामीण एसपी ओमप्रकाश जाट ने बताया कि मुख्य आरोपी दिनेश चौधरी, लैब के मालिक मोहन गायकवाड़, सप्लायर ड्राइवर रफीक और जितेंद्र सोलंकी को गिरफ्तार किया है। जब भी किसी लैब या ब्लड बैंक से मरीज के लिए प्लाज्मा भेजा जाता था तो आरोपी रास्ते में ही संबंधित व्यक्ति को अपने झांसे में ले लेते थे। वो उनसे असली प्लाज्मा हासिल कर लेते थे। उसकी जगह पर सलाइन वाटर से भरा नकली प्लाज्मा थमा देते थे। चांगोदर की लैब में जो असली प्लाज्मा निकाला जाता था। उसे आरोपी बाजार में कम कीमत पर दूसरे खरीदारों को बेचते थे। आरोपी छह महीनों से नकली प्लाज्मा का ये रैकेट धड़ल्ले से चला रहे थे।

बाजार में असली प्लाज्मा की कीमत आमतौर पर 2,000 से 5,000 रुपये प्रति यूनिट तक होती है। इस रैकेट का नेटवर्क ब्लड बैंक की डिलीवरी चेन से सीधे जुड़ा हुआ था। मुख्य आरोपी दिनेश चौधरी का कोई मेडिकल बैकग्राउंड नहीं है। वह एक सेल्स एग्जीक्यूटिव के तौर पर ब्लड बैंक के साथ तालमेल बिठाने का काम करता था। बाकी दो आरोपी डिलीवरी का काम संभालते थे।