हैदराबाद। एमकेएस एंड स्ट्रेंथ आयुर्वेद पर कंज्यूमर कोर्ट ने 14,000 का जुर्माना लगाया है। दिल्ली स्थित फर्म को ऊंचाई बढ़ाने वाले उपचार के बारे में भ्रामक दावे करने का दोषी पाया है। जिला उपभोक्ता आयोग-I ने कहा कि कंपनी ने अनुचित व्यापारिक प्रथाओं का इस्तेमाल किया।
उसने शिकायतकर्ता महिला की लंबाई एक महीने में 1.5 इंच बढ़ाने का वादा किया था। जबकि फर्म के पास इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं था। महिला ने विज्ञापन देखने के बाद कंपनी से संपर्क किया। कंपनी प्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर उनकी लंबाई 1.5 इंच बढ़ जाएगी। यह भी वादा किया कि उपचार विफल होने पर धन वापस कर दिया जाएगा। इन दावों पर भरोसा करत उसने 4,000 में 3AB नामक एक उत्पाद खरीदा। एक महीने बाद भी जब कद नहीं बढ़ा तो उन्होंने पैसे वापस मांगे।
कंपनी ने उन्हें पैसे वापस नहीं किए। इसके बजाय, कंपनी ने उन्हें दूसरा उत्पाद खरीदने की सलाह दी। फिर उन्होंने 2,000 का भुगतान कर दूसरी दवा खरीदी। शिकायत में कहा गया कि उपचार पूरी तरह विफल रहा। इससे शरीर में दर्द और अन्य दुष्प्रभाव भी हुए। इससे व्यथित होकर उसने उपभोक्ता आयोग से संपर्क किया। आयोग ने पाया कि कंपनी ने बढ़ा-चढ़ाकर और अवैज्ञानिक दावे किए थे। कंपनी अपने आश्वासनों को पूरा करने में भी विफल रही। अदालत ने कंपनी को 6,000 वापस करने, 5,000 मुआवज़ा देने और 3,000 मुकदमेबाजी खर्च वहन करने का आदेश दिया। कुल भुगतान 14,000 बनता है।










