मुंबई। ज़ाइडस फार्मा ने अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पहल ज़ाइडस लाइफसाइंसेज की गार्डेंट हेल्थ इंक के साथ विशेष साझेदारी को मजबूत करती है। नैस्डैक-सूचीबद्ध प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी कंपनी देश में स्क्रीनिंग प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण करती है। शील्ड एमसीडी एक मिथाइलेशन-आधारित रक्त परीक्षण है। यह 45 और उससे अधिक आयु के कैंस रोगियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक ही रक्त नमूने के माध्यम से 10 सबसे सामान्य कैंसर की स्क्रीनिंग करता है।

कंपनी ने कहा कि शील्ड एमसीडी परीक्षण को यूएस एफडीए से ब्रेकथ्रू डिवाइस डिजि़ग्नेशन प्राप्त हुआ है। यह मौजूदा विकल्पों की तुलना में अधिक प्रभावी कैंसर स्क्रीनिंग प्रदान करने की क्षमता को मान्यता देता है।
भारत में गैर-संचारी रोगों से संबंधित मौतों में कैंसर लगभग 9 प्रतिशत का योगदान देता है। 2022 में, 1.41 मिलियन से अधिक लोगों को कैंसर का निदान किया गया।

वहीं 9 लाख से अधिक मौतें दर्ज की गईं। कंपनी का मानना है कि प्रारंभिक स्क्रीनिंग की व्यापक पहुंच से प्रारंभिक निदान के परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है।

अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा कि कैंसर दुनिया भर में समाजों के सामने सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। विश्वसनीय स्क्रीनिंग की पहुंच का विस्तार इसके प्रभाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है।