समस्तीपुर (बिहार)। एंटीबायोटिक दवा का सैंपल जांच में फेल पाया गया है। ब्रांडेड कंपनियों के नाम और रैपर का इस्तेमाल कर नकली दवाओं का कारोबार किया जा रहा है।

औषधि विभाग ने रोसड़ा स्थित एक दवा दुकान से एंटीबायोटिक दवा का सैंपल िलया था। बिहार ड्रग्स कंट्रोल लेबोरेट्री की जांच में इसे अमानक घोषित किया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद औषधि नियंत्रण विभाग ने संबंधित दवा विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है।

औषधि विभाग की टीम ने रोसड़ा के मेसर्स कृष्णा ड्रग्स में छापेमारी की थी। दुकान संचालक कुमार विमलेन्दु शेखर से दवा खरीद से संबंधित अभिलेख मांगे गए। संबंधित दवा का क्रय बिल उपलब्ध नहीं कराया जा सका। वहीं, कैश मेमो भी 13 सितंबर 2025 तक का ही प्रस्तुत किया गया। टीम ने मौके से एमाक्स-625 टैबलेट, बायोकाफ मिंट सिरप और डीकाफ डीएक्स सिरप के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे।

एंटीबायोटिक दवा में नहीं मिला सक्रिय तत्व

एमाक्स-625 टैबलेट की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दवा गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी। इसमें एएमोक्सीसिलिन और क्लैवुलैनिक एसिड की मात्रा शून्य िमली। लैब ने इसे अमानक दवा घोषित करते दिया। संबंधित दवा के क्रय अभिलेख और दुकान में उपलब्ध शेष स्टाक का विवरण भी मांगा है। विभाग ने मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।