गाजियाबाद। मिर्गी की दवा जांच में अधोमानक मिली है। इसके चलते पूरे सूबे में इस दवा के वितरण पर रोक लगा दी है। जिला मानसिक चिकित्सालय बरेली से लिए इसका सैंपल लिया गया था। जांच में मिर्गी की यह दवा अधोमानक मिली है। इसके तुरंत बाद पूरे प्रदेश में इस दवा के वितरण पर रोक लगा दी गई है। यह दवा हिमाचल की एक कंपनी द्वारा बनाई गई है। संबंधित दवा कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी है।

वेयर हाउस में दवा का खंगाला जा रहा है रिकॉर्ड

उच्च अधिकारियों ने सभी जिलों से इस दवा का रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही वेयर हाउस में रखी दवा को वापस मंगाया जा रहा है। बरेली से सोडियम वैल्प्रोएट-500 एमजी की 40 टेबलेट का सैंपल लिया था। इसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला में भेजा गया था।

जांच रिपोर्ट में यह दवा अधोमानक पाई गई। अपर निदेशक औषधि भंडार ने इस दवा के वितरण पर रोक लगा दी है। यह एक डाक्टर के पर्चे पर मिलने वाली एंटी-एपिलेप्टिक दवा है। इसका उपयोग मिर्गी के दौरे, बायपोलर डिसआर्डर और माइग्रेन को रोकने के लिए होता है। यह मस्तिष्क की असामान्य विद्युत गतिविधि को शांत करके काम करती है। उधर जिला एमएमजी अस्पताल में अधोमानक मिले प्रोमेथाजऩि हाइड्रोक्लोराइड सीरप का रिकार्ड बनाया जा रहा है। इसका विवरण आडिट टीम के समक्ष रखा जायेगा।