मुंबई (महाराष्ट्र। आयुर्वेदिक दवा कंपनियों पर कड़ा एक्शन लिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली 10 आयुर्वेदिक दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। वहीं, नियमों का पालन नहीं करने वाली 135 कंपनियों को नोटिस जारी किए हंै। यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने की है।
यह है मामला
एफडीए ने राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुल 434 लाइसेंस प्राप्त आयुर्वेदिक दवा कंपनियों की जांच की। कारखानों की साफ-सफाई, गुणवत्ता नियंत्रण समेत कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की।
इन 10 कंपनियों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द
जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई। इन 10 कंपनियों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए गए हैं :
1. मेसर्स कृष्णा हर्बल, बारामती, पुणे
2. मेसर्स लालशाह ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स, करंजा, गोंदिया
3. मेसर्स आदित्य फार्मा, वडेगांव, तिरोड़ा, गोंदिया
4. मेसर्स अंगरस आयुर्वेद, वडेगांव, तिरोड़ा, गोंदिया
5. मेसर्स कालिदास गांधी, पुणे
6. मेसर्स शिवनाथ आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स कंपनी, सिन्नर, नासिक
7. मेसर्स इंडुकेयर फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, जेजुरी एमआईडीसी, पुणे
8. मेसर्स हकीम आयुर्वेदिक ब्यूटी केयर, अमरावती
9. मेसर्स हिलैरियस आयुर्वेद, एमआईडीसी मुंडीपार, गोंदिया
10. मेसर्स यशोदा लैब प्राइवेट लिमिटेड, नासिक
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
एफडीए की जांच में कई कंपनियों में गंभीर लापरवाही सामने आई। कुछ संस्थानों में मान्यता प्राप्त तकनीकी कर्मचारी मौजूद नहीं मिले। इसके बावजूद दवाओं का उत्पादन जारी था। दवाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए जरूरी मशीनें और उपकरण भी नहीं मिले।
कई स्थानों पर उत्पादन परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। कुछ दवाओं के लेबल पर गलत निर्माण तिथि छपी हुई पाई गई। इस कार्रवाई से आयुर्वेदिक दवा निर्माण क्षेत्र में हडक़ंप मचा है।










