देहरादून (उत्तराखंड)। नकली दवा के निर्माण, बिक्री गिरोह का मुख्य सरगना पकड़ा गया है। उत्तराखंड एसटीएफ ने यह कार्रवाई की। आरोपी को बिजनौर के चांदपुर से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशद कुमार के रूप में हुई है।
आरोपी पूर्व में कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी का मालिक रह चुका है। इस कंपनी पर कोरोना काल में नकली रेमडेसिविर तैयार करने के आरोप लगे थे। वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस ने कंपनी में कार्रवाई और सैंपलिंग की थी। कंपनी का औषधि निर्माण लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नामी फार्मा कंपनियों के नाम पर नकली दवाओं का निर्माण व बिक्री की गई। ऑनलाइन बिक्री करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई जारी है। मामले में सीसीपीएस देहरादून में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
एसटीएफ ने गिरोह से जुड़े दो सदस्यों जतिन और गौरव त्यागी को पहले गिरफ्तार किया था। पूछताछ के आधार पर गिरोह के मुख्य सरगना विशद कुमार तक पहुंच बनाई। उसे चांदपुर से गिरफ्तार कर लिया।
सिडकुल सिगड्डी स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स में नकली दवा निर्माण की सूचना मिली थी। संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई थी। मौके से करीब तीन किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और उपकरण बरामद किए थे। इसके बाद फैक्ट्री को नियमानुसार सीज कर दिया गया था।










