नई दिल्ली। कैंसर की सबसे पावरफुल दवा बनाने का चीन ने दावा किया है। करीब 100 से ज्यादा तरह के कैंसर होते हैं। इनके लिए अलग-अलग तरह की दवा काम करती है। बाइलरी ट्रैक्ट कैंसर को घातक कैंसर माना जाता है। इसके ठीक होने की दर बहुत कम है। इसके लिए ब्रिटेन-स्वीडन की बायोटेक कंपनी एस्ट्राजेनेका दवा बनाती है।
इस दवा का नाम है इम्फिंजी। बाइलरी ट्रैंक्ट कैंसर में इम्फिंजी सबसे पावरफुल दवा मानी जाती है। लेकिन चीन की बायोफार्मा कंपनी अकेसो ने दावा किया है। उसने बाइलरी ट्रैक्ट कैंसर की नई दवा बनाई है। यह एस्ट्रजेनेका की दवा से ज्यादा पावरफुल बताई गई है। तीसरे चरण के ट्रायल में इसका शानदार रिजल्ट सामने आया है। यह साबित करता है कि दवा इवोनसिमैब ज्यादा पावरफुल है।
कैसे काम करती है यह दवा
दवा इवोनसिमैब भी इंफिंजी की तरह ही काम करती है। इंफिजी इम्यूनोथेरेपी दवा है। कैंसर के लिए आमतौर पर कीमोथेरेपी की जाती है। कीमोथेरेपी में कैंसर कोशिकाओं के साथ-साथ हेल्दी कोशिकाएं भी खत्म होने लगती है। यह बहुत बड़ी चुनौती है। इससे कभी-कभी शरीर के महत्वपूर्ण अंग खराब हो जाते हैं। एस्टाजेनेका की इंफिजी दवा इम्यूनोथेरेपी पर आधारित है। इसमें दवा खुद कैंसर कोशिकाओं को नहीं मारती । शरीर की इम्यूनिटी को ट्रेंड कर वह कैंसर कोशिका को मार देती है।
इवोनसिमैब का ट्रायल पित्त वाहिनी के कैंसर के मरीजों पर किया। इसमें 682 मरीजों को शामिल किया गया। इसमें एक समूह को इवोनोसिमैब के साथ कीमोथेरेपी दी। दूसरे समूह को इंफिंजी के साथ कीमोथेरेपी दी। अकेसो की दवा लेने वाले मरीज दूसरे की तुलना में ज्यादा जीवित रहे। फेफड़ों के कैंसर के इलाज के लिए चीन में यह मंजूर हो चुकी है। अमेरिका में इसकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है।










