आगरा (यूपी)। मकान पर रेड कर 2 करोड़ की प्रतिबंधित दवाएं जब्त की हैं। औषधि विभाग की टीम ने धनौली में एक मकान पर छापा मारा। एक कमरे में दवाओं की पैकिंग की जा रही थी। टीम ने मौके से एक युवक को पकड़ लिया। बरामद दवाओं को प्रतिबंधित बताया जा रहा है। इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

यह है मामला

औषधि विभाग को सूचना मिली थी कि एक कमरे में दवाएं रखी जा रही हैं। इसके बाद टीम ने संदिग्ध ठिकाने की निगरानी शुरू कर दी थी। मंगलवार सुबह दो युवक कमरे के पास नजर आए। एक युवक के कमरे में दाखिल होते ही टीम ने छापा मार दिया। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में दवाओं की पेटियां मिलीं। मौके से एक युवक को पकड़ लिया गया।

कार्रवाई की सूचना लखनऊ स्थित विभागीय अधिकारियों को दी गई। फिरोजाबाद और हाथरस से भी औषधि विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। तीनों जिलों की टीमों ने कमरे की तलाशी ली। बरामद दवाओं को कब्जे में लिया। बरामद दवाओं की कीमत दो करोड़ बताई जा रही है। देर शाम तक दवाओं की गिनती का काम चलता रहा।

केटोरॉल, कार्डेस, एलेग्रा, एलेग्रा-एम, जुलरा समेत विभिन्न दवा मिली हैं। पता लगाया जा रहा है कि ये दवाएं कहां से मंगाई गई थीं। इन्हें कहां सप्लाई किया जाना था। पिछले साल कार्रवाई में पुडुचेरी की मीनाक्षी फार्मा से दवाओं की आपूर्ति के तार जुड़े थे।

आगरा की कई फर्मों तक दवाओं की आपूर्ति की बात सामने आई थी। उस कार्रवाई में करीब 71 करोड़ की दवाएं सीज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। अब धनौली के कमरे से मिली दो करोड़ की दवाओं की जांच जारी है। हालांकि, इन दवाओं का दावेदार नहीं मिला है। बताया गया है कि गोदाम किसी बदले हुए नाम से किराए पर लिया गया था।