बेंगलुरु (कर्नाटक)। नोटिस के साथ दवा लाइसेंस सस्पेंड नहीं किया जा सकता है। ये आदेश कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिए हैं। न्यायालय ने कहा कि लाइसेंसधारकों को जवाब देने का अवसर दिया जाएगा। नोटिस और निलंबन एक साथ जारी नहीं किया जा सकेगा।

यह मामला 19 सितंबर को जारी किए नोटिस-सह-निलंबन आदेश से संबंधित है। यह मेसर्स वेलनेस फॉरएवर केमिस्ट्स एंड लाइफस्टाइल स्टोर के खिलाफ जारी किया था। इस आदेश के तहत फर्म का कारोबार लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था।

कंपनी पर आरोप था कि उसने ज़ाविसेफ़्टा इंजेक्शन मेसर्स विवा फार्मा से लिया था। यह बेंगलुरु स्थित मेसर्स फाइजर लिमिटेड का एक अनधिकृत आपूर्ति चैनल था। प्राधिकरण ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उत्पाद को विभिन्न संस्थाओं को बेचा था।

निलंबन को चुनौती देते हुए फर्म ने कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने तय प्रक्रिया का पालन किए बिना लाइसेंस निलंबित कर दिया था। 21 सितंबर को नोटिस का जवाब पहले ही प्रस्तुत कर दिया था। निलंबन या रद्द करने के आदेश से पहले लाइसेंसधारक को कारण बताने का अवसर देना जरूरी है।