नई दिल्ली। डेंगू के वायरस को शरीर में बढ़ने से रोकने वाली नई दवा बनेगी। एम्स के वैज्ञानिकों ने इस पर शोध मकिया है। उन्होंने पता लगाया कि शरीर में कुछ कण डेंगू वायरस को बढ़नेे में मदद करते हैं। जबकि कुछ उसकी बढ़ोतरी रोकते हैं। इस शोध से भविष्य में डेंगू के लिए नई दवा बनाने की उम्मीद जगी है।
डेंगू के लिए कोई विशेष दवा नहीं
शोध के निष्कर्ष एनएआर मालिक्यूलर मेडिसिन में प्रकाशित हुए हैं। अभी डेंगू के वायरस मारने वाली कोई विशेष दवा नहीं है। मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार उपचार दिया जाता है। ऐसे में वायरस की बढ़ोतरी रोकने का नया तरीका खोजना जरूरी है।
शरीर के छोटे कणों की भूमिका
एम्स के डा. भूपेंद्र वर्मा की अगुवाई में यह शोध में यह शोध हुआ।। टीआरएनए नाम के तत्व का अध्ययन किया गया। यह शरीर की कोशिकाओं में प्रोटीन बनाने में मदद करता है। संक्रमण के दौरान इसके कुछ छोटे टुकड़े बनते हैं। इन्हें टीआरएफ कहा जाता है। पता चला कि कुछ टुकड़े डेंगू वायरस को बढऩे में मदद करते हैं। कुछ उसकी बढ़ोतरी रोकने में भूमिका निभाते हैं।
शोधकर्ताओं ने विशेष अणुओं की मदद से वायरस की बढ़ोतरी पर उसका असर देखा। कोशिकाओं के भीतर मौजूद एक संकेत तंत्र की भूमिका भी सामने आई। ये वायरस की वृद्धि को प्रभावित कर सकता है। इनसे वायरस को निशाना बनाने वाली दवा विकसित की जा सकती है। इस शोध से जुड़ी परियोजना 2023 में शुरू हुई थी। इसकी निर्धारित अवधि 2026 तक है। मनुष्यों पर इसकी प्रभावशीलता का अध्ययन होना बाकी है। दवा विकसित करने और क्लिनिकल ट्रायल की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।





