जालौर (राजस्थान)। MBBS की फर्जी डिग्री से बने दो डॉक्टर Arrest किए गए हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इन दोनों मुन्नाभाई एमबीबीएस को पकड़ा है। इनमें से एक आरोपी 8वीं पास है। आरोपी पहले किसी हॉस्पिटल में 4 साल तक पर्ची काटने का काम करता था। बाद में उस् अस्पताल को खरीद लिया। डॉक्टरों के साथ मरीजों का ऑपरेशन भी करने लगा। 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपी ने फेक एमबीबीएस डिग्री और डिप्लोमा इन गायनेकोलॉजी एवं ऑब्सेटेट्रिक्स लिया था।
एसओजी ने फर्जी डॉक्टर्स के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार आरोपी पंकज यादव सीकर और नानजी राम चौधरी जालोर निवासी हैं। पंकज को हरियाणा के कैथल और नानजी राम को जालोर के रानीवाड़ा से पकड़ा गया। इसके अलावा शांतनु, दीपक समेत 7 फेक डॉक्टर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
नानजी राम चौधरी केवल 8वीं पास है। आरोपी ने रानीवाड़ा में एक डॉक्टर के पास ओपीडी काउंटर पर पर्चियां काटीं। फिर कपड़े की दुकान पर काम किया। 2015-16 में उसने उसी अस्पताल को खरीद लिया। उसका नाम बदलकर भास्कर हॉस्पिटल कर दिया।
कानपुर और मुंबई से बनवाए फर्जी सर्टिफिकेट
आरोपी नानजी राम चौधरी ने आंध्र प्रदेश बोर्ड से 10वीं-12वीं के सर्टीफिकेट लिए। रामा यूनिवर्सिटी कानपुर से फर्जी MBBS की उिग्री ली। मुंबई के एक कॉलेज से फर्जी डिप्लोमा इन गायनेकोलॉजी सर्टिफिकेट बनवाया। वह रानीवाड़ा स्थित राजदेव हॉस्पिटल में ओपीडी काउंटर पर पर्चियां काटता था। राजस्थान मेडिकल काउंसिल से सांठगांठ कर डॉक्टर के रूप में पंजीयन करा लिया। अस्पताल को 100 बेड का बनाकर खुद भी ऑपरेशन करने लगा।
दूसरा आरोपी पंकज यादव कजाकिस्तान से मेडिकल की पढ़ाई करके लौटा था। भारत में प्रैक्टिस के लिए जरूरी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन (स्नरूत्र) में वह लगातार 6 बार फेल हुआ। उसने बिहार से फर्जी एमबीबीएस डिग्री और फर्जी रजिस्ट्रेशन तैयार करवा लिया। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है।





