चेन्नई। फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (PvPI) की ताजा निगरानी रिपोर्ट में नौ दवाओं से जुड़े दुष्प्रभाव (एडवर्स ड्रग रिएक्शन) सामने आए हैं। यह जानकारी इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन (IPA) बंगाल ब्रांच के ड्रग इंफॉर्मेशन बुलेटिन में प्रकाशित की गई है, जिसका संपादन डॉ. सुभाष सी. मंडल ने किया है। इसका उद्देश्य डॉक्टरों को इन दवाओं से जुड़े नए सुरक्षा संकेतों के बारे में सचेत करना है।
रिपोर्ट के अनुसार कैंसर की दवा डकारबाज़ीन से अस्थायी रूप से धुंधला दिखने, HIV की दवा डोलुटेग्राविर से यौन दुष्क्रिया, और एंटीबायोटिक पॉलीमिक्सिन B से पोटैशियम की कमी और ब्लड प्रेशर गिरने के मामले दर्ज हुए हैं।
डिप्रेशन और OCD में दी जाने वाली क्लोमिप्रामिन से बेचैनी (एकेथिसिया), अल्सर की दवा फैमोटिडीन से त्वचा पर दवा-जनित चकत्ते, ब्लड प्रेशर की दवा क्लोनिडीन से सोडियम की कमी और मेटोप्रोलोल से पोटैशियम बढ़ने के मामले सामने आए। डायबिटीज की दवा टेनेलिग्लिप्टिन से त्वचा पर फफोले वाली बीमारी बुलस पेम्फिगॉइड का संबंध पाया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये निष्कर्ष बाजार में आने के बाद भी दवाओं की लगातार निगरानी की अहमियत दिखाते हैं। मरीजों को सलाह है कि किसी भी दवा से असामान्य लक्षण दिखें तो डॉक्टर को बताएं, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा बंद न करें।
