नई दिल्ली। ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी (DCC) ने दवा लाइसेंस की रिटेंशन फीस के भुगतान को ऑनलाइन नेशनल ड्रग्स लाइसेंसिंग सिस्टम (ONDLS) से जोड़ने की सिफारिश की है। कमेटी ने उन राज्यों से भी इस प्रक्रिया को यूनिफाइड पोर्टल पर लाने को कहा है, जो अभी तक ONDLS से नहीं जुड़े हैं।
अपनी 70वीं बैठक में कमेटी ने इस बात पर चर्चा की कि कई जगह लाइसेंसधारकों से अलग रिटेंशन सर्टिफिकेट लेने और नए लाइसेंस जैसे दस्तावेज दोबारा जमा करने को कहा जाता है, जबकि ड्रग्स रूल्स, 1945 के नियम 63 के तहत केवल तय फीस जमा करने पर लाइसेंस बरकरार रहता है।
DCC ने कहा कि ONDLS पर फीस भुगतान के बाद अपने आप इलेक्ट्रॉनिक पावती बने और ऐसे लाइसेंसों का खोजने योग्य डेटाबेस तैयार हो। नियमों में विशेष जरूरत न हो तो अलग सर्टिफिकेट या दस्तावेज दोबारा नहीं मांगे जाने चाहिए। नियम 63 के अनुसार हर पांच साल पूरे होने से पहले रिटेंशन फीस जमा करनी होती है, देरी पर लेट फीस लगती है।
बैठक में फार्मासिस्ट संगठन के उस प्रस्ताव पर भी विचार हुआ, जिसमें रिटेल और होलसेल दवा लाइसेंसों का अनुपात तय करने की मांग की गई थी। कमेटी ने शहरी, ग्रामीण और दूरदराज इलाकों की अलग जरूरतों को देखते हुए देशभर में एक जैसी सीमा तय करने से इनकार कर दिया। राज्य लाइसेंसिंग अथॉरिटी अपने क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से फैसले ले सकेंगी।
