सोलन (हिमाचल प्रदेश)। दवा के सैंपल बार-बार फेल वाले फार्मा उद्योगों पर कार्रवाई होगी। इन मामलों ने दवा गुणवत्ता नियंत्रण और ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकारों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल से दवाइयों के बार-बार सैंपल फेल होने पर सवाल किया। इस पर मंत्री ने लोगों को अपनी सोच बदलने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि विभाग नियमों के तहत कार्रवाई कर रहा है। भविष्य में भी सैंपल फेल होने वाले उद्योगों पर ठोस कार्रवाई होगी।

डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल कहा कि हिमाचल फार्मास्यूटिकल हब है। दवाइयों का सैंपल फेल होने के पीछे निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण आदि कारण हो सकते हैं। इसलिए प्रत्येक मामले में विफलता के वास्तविक कारणों की जांच करना जरूरी है। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अमानक दवाओं के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई हो।
ड्रग विभाग की जिम्मेदारी केवल दवाइयों के सैंपल लेना और जांच रिपोर्ट जारी करना नहीं है। विभाग को गुणवत्ता की निगरानी करने और खामियों को दोबारा होने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने होते हैं। दवा गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही के आरोपों में निष्पक्ष जांच जरूरी है। हालांकि, ऐसे आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर ही की जा सकती है।





