राजकोट (गुजरात)। पीलिया की मरीज को ब्लड कैंसर की रिपोर्ट थमाने का मामला आया है। रिपोर्ट देखकर परिवार में हडक़ंप मच गया। सिविल हॉस्पिटल गंभीर लापरवाही के कारण विवादों में है। एक युवती को पीलिया के इलाज के लिए भर्ती कराया था। लापरवाही के चलते उसे ‘ब्लड कैंसर’ होने की गलत रिपोर्ट थमा दी। इससे उसके परिजनों में हडक़ंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं।

यह है मामला

18 साल की देविका को पीलिया की बीमारी हो गई थी। उसे राजकोट सिविल अस्पताल लाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी। लैब से ब्लड रिपोर्ट आई तो पैरों तले जमीन खिसक गई। रिपोर्ट में ‘ब्लड कैंसर’ होने का उल्लेख था।

बेटी को जानलेवा बीमारी होने की खबर से माता-पिता टूट गए। दूसरी ओर अस्पताल के डॉक्टरों ने भी कैंसर के इलाज की तैयारी कर ली। उसे इलाज के लिए तुरंत अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर करने की सलाह दी। हालांकि, पूरा मामला तब सामने आया, जब एक रिश्तेदार ने रिपोर्ट को ध्यान से देखा। केस पेपर में 18 वर्ष और रिपोर्ट में 40 वर्ष की उम्र देखकर उन्हें संदेह हुआ। जब उन्होंने डॉक्टरों से इस विसंगति पर सवाल उठाए, तब लैब की बड़ी गलती उजागर हुई।

पता चला कि युवती का ब्लड सैंपल किसी अन्य 40 वर्षीय महिला के सैंपल से बदल गया था। दोबारा जांच कराने पर युवती को सामान्य पीलिया होने की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रशासन की इस गंभीर लापरवाही पर सिविल अधीक्षक मोनाली मांकडिया ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मामले में जांच की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी या डॉक्टर की जिम्मेदारी तय होती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।