जमुई (बिहार)। अस्पताल परिसर में ही एक महिला को ई-रिक्शा में नवजात को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा। दरअसल, सदर अस्पताल पहुंचने पर महिला को ना तो स्ट्रेचर मिला और न ही अस्पताल में बेड। इसके बाद महिला का प्रसव ई-रिक्शा पर ही करवा दिया गया।
यह है मामला
जिला मुख्यालय के कृष्णपट्टी के रहने वाली 23 वर्षीय विक्की देवी नामक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सदर अस्पताल मेंं मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने उनकी बात नहीं सुनी। जब महिला की मदद करने को कोई सामने नहीं आया, तब मजबूरन ई-रिक्शा पर ही उसका प्रसव कर दिया गया। बताया जाता है कि इस दौरान नवजात को चोट भी आई है।
प्रसूता की सास समुद्री देवी ने बताया कि जिस वक्त प्रसव के लिए सदर अस्पताल पहुंचे, तब ड्यूटी पर तैनात रीना राय ने उनकी मदद करने से इनकार कर दिया। स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि ड्यूटी समाप्त हो गई है और आपकी कोई मदद नहीं कर सकती। इसके बाद मदद ढूंढने के लिए अस्पताल की दूसरी मंजिल पर गए और स्वास्थ्य कर्मियों को खोजते रहे. लेकिन, इसी बीच महिला ने ई-रिक्शा पर ही नवजात को जन्म दे दिया। बाद में ड्यूटी पर तैनात एक अन्य कर्मी ममता ने उनकी मदद की। इसके बाद मां और नवजात दोनों को प्रसव कक्ष में ले जाया गया।
इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधक रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। मामले की जानकारी ली जा रही है और अगर कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।