बालाघाट (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के दुर्गम इलाकों में बीमारी फैलने की सूचना मिलने के बाद राज्य सरकार ने बड़ा स्वास्थ्य अभियान चलाया है। विशेषज्ञों सहित 57 स्वास्थ्य दलों ने 50 गांवों में पहुंचकर 43,451 लोगों की जांच की। अभियान के दौरान मलेरिया जांच में 980 लोग संक्रमित पाए गए, जिनका तुरंत इलाज शुरू किया गया।

रैपिड रिस्पॉन्स टीम सक्रिय

बीमारी की सूचना मिलते ही सरकार के निर्देश पर डिस्ट्रिक्ट रैपिड रिस्पॉन्स टीम (डीआरआरटी) को सक्रिय किया गया। प्रभावित क्षेत्रों में बाल रोग विशेषज्ञों, महामारी वैज्ञानिकों और कीट वैज्ञानिकों की विशेष टीमें भेजी गईं। राष्ट्रीय स्तर की टीम ने भी स्थिति का जायजा लिया।

अभियान के प्रमुख आंकड़े

  • जांच: 50 गांवों में 43,451 लोगों की स्वास्थ्य जांच
  • घर पर इलाज: 6,537 लोग
  • अस्पताल में भर्ती: गंभीर रूप से बीमार 647 बच्चे
  • खसरा-रूबेला टीकाकरण: बिरसा विकासखंड में 35,827 बच्चे
  • मलेरिया जांच: 26,865 लोग, जिनमें 980 संक्रमित
  • कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग: 8,610 घर
  • मच्छरदानी वितरण: 3,600

54 नए डॉक्टरों की तैनाती

सरकार ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 54 नए डॉक्टरों की पदस्थापना की है। मलेरिया नियंत्रण के लिए एक सलाहकार और चार तकनीकी सुपरवाइजर भी तैनात किए गए हैं। साथ ही स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए धनराशि का प्रावधान भी किया गया है।

आदिवासी और वन क्षेत्रों में बड़ी चुनौती

बालाघाट का बड़ा हिस्सा वन और आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां मलेरिया लंबे समय से बड़ी स्वास्थ्य समस्या रहा है। दुर्गम रास्तों, स्वास्थ्य केंद्रों की दूरी और जागरूकता की कमी के कारण कई बार बीमार लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते। ऐसे में घर-घर जाकर जांच और इलाज बेहद असरदार साबित होता है।

मलेरिया से बचाव जरूरी

मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। ठंड लगकर तेज बुखार आना, पसीना आना, सिरदर्द और कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार:

  • सोते समय कीटनाशक युक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
  • बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच कराएं।
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का पूरा कोर्स करें, बीच में न छोड़ें।

बच्चों में खसरा-रूबेला से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण भी बेहद जरूरी है, जो सरकारी केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध है।

स्रोत: वनइंडिया हिंदी (1 अक्टूबर 2026)