रायबरेली (उप्र)। अस्पताल की इमरजेंसी में कमीशनखोरी का मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में मरीजों को बाहर से इंजेक्शन और महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इस संबंध में कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

लखनऊ मंडल के अपर निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने अस्पताल का रूटीन निरीक्षण किया। उन्हें जानकारी मिली कि इमरजेंसी में मरीजों से बाहर के इंजेक्शन, सीटी स्कैन और महंगी एंटीबायोटिक दवाएं मंगाई जा रही हैं।

अस्पताल

डॉ. गुप्ता ने स्वयं इसकी जांच की। उन्होंने इमरजेंसी में रहकर डस्टबिन से बाहर की दवाओं और इंजेक्शन के रैपर बरामद किए। इन्हीं रैपरों की तस्वीरें अब वायरल हो रही हैं। इस मामले में मरीजों और उनके तीमारदारों के बयान भी सामने आए हैं।