प्रयागराज (यूपी)। कोडीनयुक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं की तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। एसटीएफ ने इसका खुलासा किया है। गिरोह फर्जी कागजात और बिल्टी के सहारे दिल्ली से नशीली दवाओं की खेप मंगाता था। इसके बाद किराए के मकान में दवाएं डंप कर बैच नंबर मिटाकर सप्लाई की जाती थी।
एसटीएफ ने छापेमारी कर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। करीब एक करोड़ रुपये की 19,338 शीशी कफ सिरप की जब्त की है। इसके अलावा 61,600 जेनेरिक दवाओं की गोलियां बरामद हुई हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपी आशुतोष तिवारी उर्फ प्रवेश तिवारी, अंकेश कुमार और अमित प्रजापति धूमनगंज क्षेत्र के हैं।
यह है मामला
एसटीएफ ने कटहुला गौसपुर स्थित एक मकान में छापा मारकर आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों तक फैला है। गिरोह का सदस्य भीरपुर करछना निवासी जतिन मिश्रा उर्फ शिवम का दिल्ली के मंगोलपुरी में फर्म है। वह प्रयागराज और वाराणसी की फर्मों के नाम पर फर्जी कागजात व बिल्टी तैयार कराता था।
इन्हीं कागजात पर दिल्ली से ट्रांसपोर्ट के जरिए कफ सिरप और अन्य दवाएं मंगाई जाती थीं। खेप को कटहुला गौसपुर स्थित किराए के मकान में डंप किया जाता था। दवाओं की शीशियों पर दर्ज बैच नंबर ग्राइंडर से मिटाकर सप्लायर की पहचान छिपाई जाती थी। इसके बाद लीडर रोड के थोक कारोबारी शनि जायसवाल और आशु जायसवाल समेत समेत बाजार में सप्लाई की जाती थी। एसटीएफ अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका जांच रही है।










