रजौली, नवादा (बिहार)। दवा कंपनी के प्रचार कर्मियों और दुकानदारों में विवाद का समाचार है। उत्तर प्रदेश से आए दवा कंपनी के प्रचार कर्मियों और स्थानीय दवा विक्रेताओं में नोंकझोंक हो गई।

दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष व्यास प्रसाद ने बताया कि प्रचार कर्मी सैंपल की दवा पैसे लेकर बेच रहे थे। दुकान में बिकने वाली उस कंपनी की दवा की कीमत ज्यादा होती है। वहीं प्रचार वाहन द्वारा कम कीमतों में दवा बेची जा रही है। दवा विक्रेताओं द्वारा प्रचार वाहन का विरोध करने पर नोक-झोंक भी हो गई।

दवा संघ के लोगों ने कहा कि प्रचार वाहन का काम सिर्फ प्रचार करना है। दवाई की बिक्री करना नहीं है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश से प्रचार वाहन के साथ आए सुपरवाइजर शिवांश अवस्थी ने बताया कि कंपनी ने दवाई बेचने को कहा है।
पीएचसी प्रभारी डॉ. सौरभ निराला ने बताया कि कंपनी एक फूड सप्लीमेंट कंपनी है। उसका प्रचार वाहन विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार कर रहा है। इसमें किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। पीएचसी प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।