पटना (बिहार)। ट्रांसपोर्ट कंपनी की आड़ में नशीली दवा के धंधे का भंडाफोड़ हुआ है। 95 लाख की नशीली दवाएं पकउ़ी गई हैं। चित्रगुप्तनगर थाने की पुलिस ने आरोपी अब्दुल्ला और ऋषि को जेल भेज दिया। पुलिस को जांच में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। रामकृष्णानगर स्थित न्यू श्रीराम ट्रांसपोर्ट के ऑफिस से पुलिस को भारी मात्रा में नशीली सूई और कोडीनयुक्त कफ सिरप मिला था। वहां से गिरीश नामक युवक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।

जांच में आया कि गिरीश ट्रांसपोर्ट कंपनी में पार्टनर है। वह ट्रांसपोर्ट के गोदाम का इस्तेमाल नशीली दवाओं की खेप को रखने के लिए करता था। यहीं से दवाएं पूरे पटना और बाहर सप्लाई की जाती थीं। जेल भेजे गए ऋषि ने गिरीश की पोल खोली है। इधर पुलिस ने नशीली सूई और कफ सिरप कंपनी को मेल से नोटिस भेजा है। दोनों कंपनियों से पूछा गया है कि किस दुकान के बिल पर दवाओं की खेप भेजी गई थी।

रवि के खिलाफ मिला साक्ष्य

छापेमारी में कई थानों में रविशंकर के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। हालांकि रविशंकर के खिलाफ पहली बार चित्रगुप्त नगर की पुलिस को साक्ष्य मिला है। रवि ने ही यह माल उत्तराखंड और गुजरात से श्रीराम ट्रांसपोर्ट में भिजवाया था। ऋषि और गिरीश ही रवि का माल पटना में बेचता है। ऋषि के मोबाइल से रवि को पैसे भेजे जाने के ट्रांजेक्शन मिले हैं। रवि और नीरज मिलकर काम कर रहे हैं। पुलिस गिरीश, रवि और नीरज की तलाश में छापेमारी कर रही है।