इटावा। इमरजेंसी में एक्सपायर्ड इंजेक्शन मिलने का मामला सामने आया है। चीफ फार्मासिस्ट समेत तीन को नोटिस दयिा गया है। संयुक्त जिला की इमरजेंसी में स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां हार्ट अटैक और गंभीर मरीजों को लगाए जाने वाले कई इंजेक्शन एक्सपायर्ड मिले हैं। लापरवाही पर सीएमएस ने चीफ फार्मासिस्ट समेत तीन को नोटिस देकर जवाब मांगा है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह है मामला
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर हालत में वृद्ध महिला को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने इलाज के लिए इंजेक्शन लगाने की बात कही। कंपाउंडर ने जब इंजेक्शन उठाया तो उस पर एक्सपायर्ड तारीख लिखी मिली। इसके बाद कुछ मीडिया कर्मियों ने एक्सपायर इंजेक्शन को कैमरे में कैद कर लिया।
इससे अस्पताल परिसर में खलबली मच गई। स्थिति बिगड़ती देख इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ तुरंत एक्सपायर्ड इंजेक्शन हटाने में जुट गया। जिम्मेदार लोग इस मामले को दबाने में लगे रहे। इमरजेंसी में एट्रोपिन और एड्रोप्रो नामक सात-आठ इंजेक्शन एक्सपायर्ड मिले हैं। ये इंजेक्शन आमतौर पर हृदयाघात और अन्य गंभीर मरीजों के तत्काल उपचार में उपयोग किए जाते हैं।
सीएमएस डॉ. परितोष शुक्ला ने बताया कि संबंधित सॉल्ट के इंजेक्शन नए स्टॉक में उपलब्ध हैं। इमरजेंसी में एक्सपायर्ड इंजेक्शन कैसे रखे गए, इसकी जांच कराई जा रही है। इस मामले में चीफ फार्मासिस्ट हरी बाबू समेत ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट व डॉक्टर को नोटिस दिया गया है। साथ ही सभी एक्सपायर्ड इंजेक्शन हटवाने के निर्देश दिए हैं।










