पुणे (महाराष्ट्र)। नकली काइमोरल फोर्टे रैकेट का भंडाफोड़ करने का मामला सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए), पुणे डिवीजन ने यह कार्रवाई की।

यह है मामला

एफडीए ने नकली ट्रिप्सिन-काइमोट्रिप्सिन (काइमोरल फोर्टे) टैबलेट की बिक्री की सूचना मिली थी। गोपनीय सूचना प्राप्त होने पर जांच शुरू की गई। नकली दवाओं पर बैच संख्या 2KU6L055, निर्माण तिथि-दिसंबर 2024 का विवरण अंकित था। इन्हें सिक्किम स्थित टॉरेंट फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने निर्मित किया था। दवा निरीक्षकों ने अक्षय फार्मा, पुणे से परीक्षण और विश्लेषण के लिए सैंपल लिए। सत्यापन के लिए सैंपल सिक्किम स्थित टॉरेंट फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड को भी भेजा गया।

अक्षय फार्मा ने बताया कि उन्होंने स्टॉक अरजस मेडिकल डिस्ट्रीब्यूटर, सदाशिव पेठ से खरीदा था. जिसने इसे रिद्धि फार्मा, एरंडवाने से प्राप्त किया था। जांच में पता चला कि रिद्धि फार्मा ने ये दवाएं सेना फार्मा, लखनऊ (यूपी) से मंगवाई थीं।