बरेली (यूपी)। डी फार्मा कोर्स के नाम पर फर्जी डिग्री थमा देने का मामला प्रकाश में आया है। मुजफ्फरनगर की बाबा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के प्रबंधक, चेयरमैन और प्रबंधक के भाई पर आरोप लगा है। आरोपियों ने बरेली व शाहजहांपुर के नौ युवकों से लाखों रुपये ठग लिए। दो साल के कोर्स की डिग्री मिलने के बाद छात्रों ने यूपी फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण के लिए आवेदन किया। तब पता लगा कि इंस्टीट्यूट ने उनको जाली डिग्री दी है। बिथरी चैनपुर पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

यह है मामला

गांव पदारथपुर निवासी माजिद अली खान ने शिकायत में बताया है कि वह 2022 में मुजफ्फरनगर स्थित बाबा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में गया था। इसके प्रबंधक इमलाख खान, चेयरमैन इमरान खान और आरिफ खान ने अपने इंस्टीट्यूट से डी फार्मा कोर्स आसानी से कराने की बात कही थी। दो वर्ष के कोर्स का खर्च 3.80 लाख रुपये बताया था। वह इनके झांसे में आ गया। उसने अपने अन्य दोस्तों से इस संबंध में बात की। इसके बाद माजिद समेत उसके दोस्त भगवान सिंह, कामरान, रितिक, सचिन, मुकेश, सुरेश पाल, रिपन विश्वास, अशोक कुमार ने डी फार्मा में प्रवेश ले लिया।

दो साल तक इंस्टीट्यूट प्रबंधन उनसे फीस वसूलता रहा। कुछ साथियों की परीक्षा भी नहीं कराई। दो साल के बाद सभी को डी फार्मा की डिग्री दे दी। जब फार्मेसी काउंसिल में प्रवेश के लिए आवेदन किया तो तो पता लगा कि डिग्री फर्जी है। कॉलेज प्रबंधक, चेयरमैन से संपर्क किया तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी।